
SIR के बाद बदली हरियाणा की वोटर लिस्ट, 16.39% नाम हटाए गए
SIR: हरियाणा में SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 83.61% मतदाताओं के नाम बरकरार; गुरुग्राम-फरीदाबाद में सबसे ज्यादा नाम हटे, 30 अगस्त तक दावे-आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे मतदाता
Hariyana: हरियाणा में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद बड़ा बदलाव सामने आया है। 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल के मुताबिक, राज्य की कुल पंजीकृत मतदाता सूची में से 16.39 प्रतिशत नाम इस चरण में हटा दिए गए हैं। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक जिलों में इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है।
83.61 प्रतिशत मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, SIR प्रक्रिया के दौरान राज्य के 83.61 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने अपना गणना फॉर्म जमा किया। प्राप्त फॉर्म और सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।
वहीं, जिन मतदाताओं के गणना फॉर्म निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त नहीं हुए या सत्यापन के दौरान वे पात्रता की दूसरी श्रेणियों में पाए गए, उनके नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर कर दिए गए हैं।
इन वजहों से हटाए गए नाम
ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर किए गए मतदाताओं को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। इनमें स्थानांतरित हो चुके मतदाता, अनुपस्थित मतदाता, मृत मतदाता और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाता शामिल हैं। SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि अपात्र या डुप्लीकेट नामों को हटाया जा सके।
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गुरुग्राम और फरीदाबाद में सबसे ज्यादा असर
हरियाणा में हटाए गए नामों में गुरुग्राम और फरीदाबाद की हिस्सेदारी करीब 28 प्रतिशत बताई जा रही है। दोनों जिले औद्योगिक और तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग रोजगार और अन्य कारणों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होते रहते हैं।
SIR के तहत अब तक प्रक्रिया पूरी करने वाले राज्यों की तुलना में हरियाणा में हटाए गए मतदाताओं का प्रतिशत तीसरे स्थान पर बताया जा रहा है। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में 19.09 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 18.7 प्रतिशत नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर किए गए थे।
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30 अगस्त तक दर्ज करा सकते हैं दावा-आपत्ति
ड्राफ्ट मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके पास अपना नाम दोबारा शामिल कराने का अवसर है। मतदाता 30 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों की ओर से प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी और अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
ऐसे में जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, उन्हें समय रहते अपनी स्थिति की जांच कर दावा या आपत्ति दर्ज करानी चाहिए। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि SIR प्रक्रिया के बाद हरियाणा की मतदाता सूची में कुल कितने नाम रहेंगे।
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