
DAV स्कूल में गूंजी दादी-नानी की कहानियां, बच्चों को बताए अच्छे संस्कार…
लखनऊ के DAV पब्लिक स्कूल में ‘दादी-नानी की कहानी’ का 86वां आयोजन, स्टोरीमैन जीतेश ने बच्चों को मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स से दूर रहने का संदेश दिया।
Lucknow: बच्चों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और लोक संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से लखनऊ में लोक संस्कृति शोध संस्थान की मासिक श्रृंखला ‘दादी-नानी की कहानी’ का 86वां आयोजन किया गया। इंदिरा नगर के सेक्टर-18 स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में स्टोरीमैन जीतेश ने बच्चों को प्रेरक कहानियों के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों का संदेश दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक कहानी सुनाने की संस्कृति से जोड़ना और उन्हें मोबाइल फोन तथा ऑनलाइन गेम्स की बढ़ती लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना रहा।
कहानियों के जरिए बच्चों को दिए संस्कार
‘दादी-नानी की कहानी’ श्रृंखला के तहत बच्चों को कहानियों के माध्यम से नैतिक शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है। इस आयोजन में स्टोरीमैन जीतेश ने बच्चों को प्रेरक कहानी सुनाई। ऐसी कहानियों के जरिए बच्चों में अच्छे व्यवहार, संस्कार और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया गया।
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मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स से दूरी बनाने का संदेश
आज के डिजिटल दौर में बच्चों का काफी समय मोबाइल फोन और ऑनलाइन गेम्स में बीत रहा है। ऐसे में पारंपरिक कहानियों के माध्यम से उन्हें रचनात्मक गतिविधियों और नैतिक शिक्षा से जोड़ने की पहल की गई।
कार्यक्रम के जरिए बच्चों को मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने के बजाय अच्छी कहानियां सुनने, पढ़ने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रेरित किया गया।
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लोक संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल
लोक संस्कृति शोध संस्थान की मासिक कहानी श्रृंखला बच्चों को भारतीय लोक परंपराओं और पारिवारिक संस्कारों से जोड़ने का माध्यम बन रही है। ‘दादी-नानी की कहानी’ जैसे आयोजनों के जरिए पुरानी पीढ़ी से चली आ रही कहानी सुनाने की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
लखनऊ के डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित यह 86वां कार्यक्रम बच्चों में नैतिक मूल्यों के प्रसार और पारंपरिक कहानी संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक पहल रहा।
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