
BJP के पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का निधन, सियासी गलियारे में शोक
RK Sinha Passes Away: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता, जनसंघ के दौर से पार्टी से जुड़े रहे संस्थापक सदस्य और देश की सबसे बड़ी सिक्योरिटी एजेंसी SIS (Security and Intelligence Services) के संस्थापक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा (RK Sinha) का शुक्रवार (30 अक्टूबर 2026) को निधन हो गया।
करीब 75 वर्ष की आयु के आरके सिन्हा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली, जिससे राजनीतिक और व्यावसायिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
लंबे समय से चल रहे थे बीमार
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद आरके सिन्हा काफी लंबे वक्त तक कोमा और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। शुक्रवार को तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही बिहार सहित देश भर के राजनीतिक दिग्गजों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
भाजपा के विस्तार में थी अहम भूमिका
आरके सिन्हा उन चुनिंदा नेताओं में शुमार थे जिन्होंने जनसंघ के जमाने से लेकर भारतीय जनता पार्टी के निर्माण और उसके विस्तार में जमीन स्तर पर अहम योगदान दिया था। वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पार्टी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी के बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगियों में माने जाते थे।
आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल की प्रताड़ना भी झेली थी। एक पत्रकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले आरके सिन्हा ने बाद में बिहार की राजनीति और संगठन को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई।
पत्रकार से बड़े उद्यमी बनने का सफर
राजनीति के अलावा आरके सिन्हा ने उद्यमिता के क्षेत्र में मिसाल कायम की थी। उन्होंने साल 1974 में सुरक्षा सेवाओं से जुड़ी कंपनी ‘एसआईएस’ (SIS Group) की नींव रखी थी, जो आज देश और दुनिया की सबसे बड़ी सिक्योरिटी और बिजनेस सपोर्ट सर्विसेज कंपनियों में शुमार है।
अपनी मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर उन्होंने इस बिजनेस को बुलंदियों तक पहुंचाया और हजारों-लाखों युवाओं को रोजगार दिया। वह साल 2014 से 2020 तक बिहार से भारतीय जनता पार्टी के कोटे से राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिवंगत आरके सिन्हा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए नोएडा से विशेष तौर पर पटना लाया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में उनके चाहने वाले और पार्टी कार्यकर्ता उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। उनके पैतृक आवास और राजनीतिक कर्मभूमि बिहार में उनके निधन से शोक का माहौल है।





