Budget 2026: रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीदें… होम लोन छूट और सस्ते किराये के घर

Budget 2026: बजट 2026 से रियल एस्टेट सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। पिछले चार वर्षों में लग्जरी घरों की बिक्री धीरे-धीरे स्थिर हुई है, जिससे अब उद्योग का ध्यान अफोर्डेबल हाउसिंग और रेंटल होम सेक्टर की ओर बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरकार बजट में इस सेक्टर के लिए प्रोत्साहन देती है, तो यह न केवल निवेश को आकर्षित करेगा बल्कि देश में घरों की कमी को भी दूर कर सकता है।

रेंटल हाउसिंग और अफोर्डेबल हाउसिंग की जरूरत
रियल एस्टेट संस्था Naredco के अध्यक्ष परवीन जैन के अनुसार, वर्तमान में कोई भी विशेष रूप से किराये के लिए घर नहीं बनाता क्योंकि इसका रिटर्न बहुत कम (लगभग 3%) होता है। सरकार को ऐसी पॉलिसी लानी चाहिए जिसमें डेवलपर्स और निवेशकों को प्रोत्साहन मिले। PPP (Public-Private Partnership) मॉडल के जरिए जमीन या टैक्स में छूट देकर निवेशकों को लाभान्वित किया जा सकता है।

Credai का सुझाव है कि टियर-1 और टियर-2 शहरों में बड़े पैमाने पर रेंटल हाउसिंग स्टॉक तैयार किया जाए। इससे कम दर पर किराये के घर उपलब्ध होंगे और अफोर्डेबल हाउसिंग की कमी को पूरा किया जा सकेगा।

किराये की आय पर टैक्स छूट
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी Knight Frank का सुझाव है कि ₹50 लाख या उससे कम कीमत वाले घरों से होने वाली ₹3 लाख तक की किराये की आय पर 3 साल तक 100% टैक्स छूट दी जाए। इससे निवेशकों को बेहतर मुनाफा मिलेगा और वे रेंटल हाउसिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित होंगे।

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टैक्स और होम लोन में राहत की मांग

  • डेवलपर्स चाहते हैं कि खाली घरों पर टैक्स हटाया जाए और सर्कल रेट को वास्तविक बाजार दर के बराबर किया जाए।
  • सेक्शन 71 में बदलाव की मांग की जा रही है ताकि रेंटल हाउसिंग बेचने पर होने वाले घाटे की भरपाई हो सके।
  • होम लोन पर छूट (धारा 80C) को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख किया जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निजी क्षेत्र के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग का निर्माण आर्थिक रूप से आकर्षक होगा।

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इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स में सुधार
Prozo के संस्थापक डॉ. अश्वनी जाखड़ के अनुसार, हाइपरलोकल वेयरहाउसिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है। राज्यों और नगर निगमों के बीच एकसमान नियम और डिजिटल अप्रूवल की व्यवस्था बनाई जाए। ‘फ्रेट कॉरिडोर’ के समान लॉजिस्टिक्स ज़ोन तैयार करने से सप्लाई चेन मजबूत होगी, ट्रांजिट समय स्थिर होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।

क्या कहते हैं जानकार?
रियल एस्टेट सेक्टर की मांग है कि बजट में अफोर्डेबल हाउसिंग और रेंटल होम के लिए आर्थिक और टैक्स प्रोत्साहन दिए जाएं। इससे निवेश बढ़ेगा, किराये के घरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और शहरों में झुग्गी-झोपड़ी की समस्या कम होगी। होम लोन पर बढ़ी छूट, टैक्स में राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों से रियल एस्टेट मार्केट में नई जान आएगी।

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