
झूलेलाल वाटिका शुरू हुआ गणेशोत्सव, ‘मनौतियों के राजा’ को आज चढ़ेगा गजरा
Lucknow Ganesh Mahotsav 2026: राजधानी लखनऊ में श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से आयोजित होने वाला भव्य श्री गणेश महोत्सव सोमवार को मूर्ति स्थापना के साथ पूरे धार्मिक उल्लास के साथ शुरू हो गया है। हनुमान सेतु के पास स्थित झूलेलाल वाटिका में ‘मनौतियों के राजा‘ की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है।
पूजन अनुष्ठान के दौरान कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता, अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल, पार्षद रंजीत सिंह, जय करन सिंह, अखिलेश बंसल और संजय सिंह गांधी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। शाम को कोलकाता से आए प्रसिद्ध कलाकार संजय शर्मा के संचालन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का आगाज हुआ, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ गणपति बाप्पा की पावन वंदना से हुआ, जिसके बाद प्रसिद्ध गायक आदर्श राजपूत ने “आओ आओ पधारो गणराज जी”, “गणपति को प्रथम मनाना है” और “देवा देवा गणपति देवा” जैसे भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक पोशाक पहने कलाकारों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान तिरुपति बालाजी, भगवान श्री कृष्ण, माँ दुर्गा और माँ काली की अलौकिक झाँकियों के दर्शन कराए गए। साथ ही कलाकारों ने नृत्य नाटिका के जरिए भगवान गणेश के गजानन रूप और रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग स्थापना की पौराणिक कथाओं का भावपूर्ण मंचन किया।
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ये चीजे रहेंगी मुख्य आकर्षण
श्री गणेश प्राकट्य कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि महोत्सव के अंतर्गत कई विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। 15 सितंबर को रात 8 बजे बप्पा को भव्य गजरा अर्पित किया जाएगा।
इसके बाद 18 सितंबर को मध्याह्न 12 बजे दूर्वाभिषेक, 19 सितंबर को रात 8 बजे छप्पन भोग, 20 सितंबर को मध्याह्न 12 बजे सिन्दूराभिषेक, 23 सितंबर को पाशांकुश पूजन तथा 24 सितंबर को दोपहर 12 बजे महाभिषेक और रात 8 बजे विशाल महामोदक का भोग लगाया जाएगा। इन सभी आयोजनों में राजधानी और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
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सुबह 9 से रात 11 बजे तक होंगे दर्शन
आयोजकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन और आरती का समय निर्धारित किया है। भक्त प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से रात 11:00 बजे तक ‘मनौतियों के राजा’ के दर्शन कर सकेंगे, जबकि प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे और शाम 6:00 बजे बाप्पा की महाआरती की जाएगी।
झूलेलाल वाटिका स्थित पूरा परिसर एक भव्य मेले के रूप में सजाया गया है, जहां बच्चों के लिए नए-नए झूले, स्वादिष्ट चाट-पकोड़े और आइसक्रीम के स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा महिलाओं के श्रृंगार और खरीदारी के लिए विशेष मीना बाजार भी सजाया गया है।
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