NEET, कावेरी और परिसीमन… अमित शाह के सामने CM विजय ने रखीं बड़ी मांगें

Tamil Nadu CM Vijay: दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में विजय ने केंद्र के सामने तमिलनाडु के प्रमुख मुद्दे रखे, NEET से लेकर कावेरी जल और परिसीमन तक पर जताई चिंता।

Delhi: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को महाबलीपुरम में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने NEET, परिसीमन, कावेरी जल विवाद और दक्षिणी राज्यों के वित्तीय हितों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। विजय ने NEET को लेकर तमिलनाडु के विरोध को दोहराते हुए ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के हितों का मुद्दा उठाया।

महाबलीपुरम में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को तमिलनाडु के महाबलीपुरम में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता की। अमित शाह इस परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री इसके उपाध्यक्ष हैं।

बैठक में दक्षिण भारत से जुड़े विभिन्न राज्यों के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के हितों से जुड़े कई प्रमुख विषयों को बैठक में रखा।

NEET को लेकर विजय का विरोध
मुख्यमंत्री विजय ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी NEET का विरोध किया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु लंबे समय से NEET को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराता रहा है।

विजय के मुताबिक, NEET ग्रामीण पृष्ठभूमि और सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों से आने वाले छात्रों के लिए असमान स्थिति पैदा करता है। उन्होंने कहा कि इससे ऐसे छात्रों को नुकसान हो सकता है और स्कूली शिक्षा पर आधारित राज्य के समावेशी मॉडल को भी कमजोर किया जा सकता है।

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परिसीमन को लेकर भी उठाई आवाज
बैठक में परिसीमन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। दक्षिणी राज्यों की ओर से लंबे समय से यह चिंता जताई जाती रही है कि जनसंख्या के आधार पर भविष्य में सीटों के परिसीमन का असर उन राज्यों पर पड़ सकता है, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है।

विजय ने दक्षिणी राज्यों के हितों और उनके प्रतिनिधित्व से जुड़े सवालों को बैठक में रखा तथा इस मुद्दे पर संतुलित दृष्टिकोण की जरूरत बताई।

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कावेरी जल विवाद और वित्तीय न्याय का मुद्दा
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कावेरी नदी के जल बंटवारे से जुड़े मुद्दे को भी बैठक में उठाया। कावेरी जल को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच लंबे समय से विवाद रहा है।

इसके अलावा विजय ने दक्षिणी राज्यों के लिए वित्तीय न्याय की मांग भी रखी। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच संसाधनों के बंटवारे में राज्यों के हितों को ध्यान में रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उठाए गए इन मुद्दों के जरिए तमिलनाडु सरकार ने शिक्षा, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, जल संसाधन और वित्तीय अधिकारों से जुड़े अपने प्रमुख रुख को एक बार फिर स्पष्ट किया।

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