Delhi हादसे के बाद एक्शन मोड में योगी सरकार, पूरे यूपी में चलेगा फायर ऑडिट…

UP News: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्तरां में लगी भीषण आग की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का गंभीर संज्ञान लेते हुए प्रदेश भर में बड़े स्तर पर फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि लोगों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गुरुवार को जारी निर्देशों में सीएम योगी ने सभी बहुमंजिला इमारतों, होटलों, मॉल, कार्यालयों, अस्पतालों, स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा है। खासतौर पर होटल और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच करने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी प्रतिष्ठानों की ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर जल्द शासन को उपलब्ध कराई जाए।

सुरक्षा मानकों की होगी सख्त जांच
सरकार की प्राथमिकता उन इमारतों पर है जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। इसी वजह से होटल, रेस्टोरेंट, मॉल और बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में फायर सुरक्षा मानकों की विशेष जांच की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि भवनों में फायर एनओसी वैध है या नहीं, अग्निशमन यंत्र काम कर रहे हैं या नहीं, इमरजेंसी एग्जिट सही स्थिति में हैं या नहीं और आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की क्या व्यवस्था है।

इसके अलावा बिजली वायरिंग, गैस पाइपलाइन, स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर अलार्म की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी। जिन भवनों में गंभीर खामियां मिलेंगी, वहां नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर ऐसे प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद भी किया जा सकता है।

बड़े शहरों में चलेगा विशेष अभियान
लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी, मेरठ और प्रयागराज जैसे शहरों में विशेष अभियान चलाने की तैयारी की गई है। इन शहरों में तेजी से बहुमंजिला इमारतों और व्यावसायिक परिसरों की संख्या बढ़ी है, जिससे फायर सेफ्टी को लेकर खतरे भी बढ़े हैं।

फायर विभाग, स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीमें अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण करेंगी। जिन इमारतों में पहले भी सुरक्षा मानकों को लेकर शिकायतें मिल चुकी हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जांच सूची में शामिल किया गया है।

CM Yogi ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आग जैसी घटनाओं में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और लोगों में भी जागरूकता बढ़ाई जाए।

सीएम ने यह भी कहा कि सिर्फ कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की वास्तविक जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों से समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने और कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण देने को भी कहा है।

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पहले भी सामने आ चुकी हैं लापरवाही की घटनाएं
प्रदेश में पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जहां बिना फायर एनओसी के होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते पाए गए। कई भवनों में इमरजेंसी एग्जिट बंद मिले तो कहीं अग्निशमन यंत्र केवल औपचारिकता बनकर रह गए। ऐसे में दिल्ली अग्निकांड के बाद सरकार अब कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से हो रहे शहरीकरण के बीच फायर सेफ्टी को लेकर सख्ती बेहद जरूरी है। अगर नियमित ऑडिट और निगरानी होती रहे तो बड़े हादसों को रोका जा सकता है।

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जागरूकता अभियान भी चलाएगी सरकार
सरकार केवल जांच तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि लोगों को भी जागरूक करने की तैयारी कर रही है। स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में फायर सेफ्टी को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लोगों को आग लगने की स्थिति में बचाव के तरीके और आपातकालीन नंबरों की जानकारी दी जाएगी।

सरकार का उद्देश्य प्रदेश में ऐसी सुरक्षा व्यवस्था विकसित करना है जिससे भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके और लोगों का जीवन सुरक्षित रह सके।

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