Netanyahu की सत्ता पर संकट! विपक्षी गठबंधन में अरब पार्टियां बन सकती हैं ‘किंगमेकर’
Israel Election Result: नेतन्याहू की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत से दूर; गादी आइसेनकोट के नेतृत्व में वैकल्पिक गठबंधन की चर्चा।
Israel Election 2026: इजरायल के कड़े मुकाबले वाले संसदीय चुनावों में सभी वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी नेसेट में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत हासिल नहीं कर सकी। ऐसे में इजरायल की राजनीति में गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष के नेता गादी आइसेनकोट के सामने भी सरकार बनाने के लिए नए राजनीतिक समीकरण तैयार करने की चुनौती है।
नेतन्याहू के सामने सरकार बनाने की चुनौती
चुनाव परिणामों के बाद नेतन्याहू की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी जरूर बनी है, लेकिन उसके पास सत्ता में एक और कार्यकाल हासिल करने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं। अब सरकार गठन के लिए अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच बातचीत होगी। इस प्रक्रिया में अरब राजनीतिक दलों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
क्या अरब पार्टियों के समर्थन से बनेगी वैकल्पिक सरकार?
चुनाव के बाद सबसे ज्यादा चर्चा विपक्ष के नेता गादी आइसेनकोट के नेतृत्व में वैकल्पिक सरकार बनाने की संभावना को लेकर हो रही है। इसके लिए मंसूर अब्बास की अरब पार्टी ‘राआम’ का समर्थन अहम माना जा रहा है।
‘द जेरूसलम पोस्ट’ के मुताबिक, हिब्रू यूनिवर्सिटी के ‘अकॉर्ड सेंटर’ की ओर से कराए गए सर्वे में विपक्ष से जुड़ी चार प्रमुख पार्टियों के समर्थकों से गठबंधन के विकल्पों पर राय ली गई।
सर्वे में शामिल 61 प्रतिशत लोगों ने आइसेनकोट के नेतृत्व वाली संभावित सरकार में मंसूर अब्बास की राआम पार्टी को शामिल करने का समर्थन किया। यह सर्वे में दिए गए विकल्पों में सबसे अधिक समर्थन वाला प्रस्ताव रहा।
सर्वे में सामने आए गठबंधन के विकल्प
सर्वे के नतीजों के मुताबिक:
- 61 प्रतिशत लोगों ने राआम पार्टी के साथ गठबंधन का समर्थन किया।
- 20 प्रतिशत लोगों ने नए सिरे से चुनाव कराने की बात कही।
- 12 प्रतिशत ने नेतन्याहू के साथ रोटेशन सरकार का समर्थन किया।
- 7 प्रतिशत लोग अति-रूढ़िवादी पार्टियों के साथ गठबंधन के पक्ष में रहे।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि विपक्षी मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग नेतन्याहू को सत्ता से बाहर रखने के लिए अरब पार्टी के साथ गठबंधन करने के विकल्प पर विचार कर सकता है।
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67 सीटों का गणित, बहुमत से काफी आगे विपक्षी गठबंधन
संसदीय सीटों के गणित के लिहाज से भी यह गठबंधन महत्वपूर्ण दिखाई देता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विपक्षी दलों की 48 सीटों के साथ राआम की 8 और जॉइंट लिस्ट की 11 सीटें जोड़ दी जाएं तो कुल संख्या 67 पहुंच जाती है।
यह आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी सीटों से काफी अधिक है। हालांकि, केवल सीटों का गणित सरकार बनाने की गारंटी नहीं देता। अलग-अलग दलों की राजनीतिक विचारधारा और आपसी सहमति गठबंधन की सफलता में अहम भूमिका निभाएगी।
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आइसेनकोट के सामने मुश्किल राजनीतिक फैसले
गादी आइसेनकोट के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग विचारधारा वाले दलों को एक साथ लाने की है। अरब पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाने का विकल्प संख्या के लिहाज से मजबूत दिखता है, लेकिन इसे व्यावहारिक रूप देना आसान नहीं होगा।
वहीं, नेतन्याहू की पार्टी के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बावजूद बहुमत से दूर रहने के कारण इजरायल में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। आने वाले दिनों में गठबंधन की बातचीत तय करेगी कि देश की सत्ता किसके हाथों में जाएगी।
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