झीलों का प्राकृतिक सौंदर्य व नयनाभिराम दृश्य देखना हो, तो जानें इनके बारे में

Naini Lake in Nainital

शहरी कोलाहल से दूर एकांत व प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर नयनाभिराम झीलों का सौंदर्य देखकर मन में उत्साह की तरंगें उठने लगती हैं और काफी हद तक मन का तनाव भी दूर होता है।

बच्चे हों या व्यस्क, पति−पत्नी, प्रेमी युगल या फिर पूरा परिवार, सभी कहीं सैर के दौरान झील के किनारे बैठना या नौका विहार करना चाहते हैं।

आइए आपको देश के विभिन्न स्थानों की कुछ मुख्य झीलों के बारे में बताते हैं।

झीलों का शहर नैनीताल

नैनीताल झीलों का शहर है। यहां शहर के बीचोंबीच बहती पहाड़ियों से घिरी नैनी झील यहां का मुख्य आकर्षण है जो नैनीताल के सौंदर्य को और बढ़ाता है। झील के एक किनारे पर तल्लीताल व दूसरे पर मल्लीताल है।

झील के साथ−साथ चलने वाली सड़क पर लोग मस्ती से घूमने−फिरने, खाने−पीने, बातें करने व घुड़सवारी का आनंद उठाते हैं। झील के किनारे पर नैना देवी का मंदिर भी है।

फतेहसागर झील

झीलों की नगरी उदयपुर की फतेहसागर झील को 1678 ईं. में महाराणा जयसिंह ने बनवाया तथा महाराणा फतेह सिंह ने 1,800 फीट लम्बा बांध बनवाया।

इसके किनारों पर खूबसूरत पत्थर लगे हुए हैं। शाम के समय जगमगाती रोशनी या चांदनी रात में झील के शांत जल की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।

चिल्का लेक

ओडिशा के पुरी के दक्षिण−पश्चिम में स्थित खूबसूरत चिल्का लेक घूमना नहीं भूलना चाहिए क्योंकि यह भारत की सबसे बड़ी झील है और 1,100 वर्ग किलोमीटर में फैली है। यह बंगाल की खाड़ी का एक हिस्सा है और अनगिनत द्वीप और पहाड़ियों से युक्त मनोहारी झील है।

अजमेर की पुष्कर झील

अजमेर में मौजूद पुष्कर झील भी आप जा सकते हैं। पुष्कर एक स्मरणीय स्थल है। यहां सूर्यास्त का दृश्य, लोक संस्कृति, रेगिस्तानी मिट्टी, मनोरम पुष्कर झील व पुष्कर मेला, भगवान ब्रह्मा का प्राचीनतम मंदिर आदि देखने को मिलेंगे।

अर्धचंद्राकार आकृति में बनी पुष्कर झील के चारों ओर सीढ़ियों वाले 52 घाट और मंदिर बने हुए हैं। इन घाटों से झील के किनारे−किनारे पूरी झील का चक्कर लगाया जा सकता है।

महाराष्ट्र स्थित झीलें

महाराष्ट्र में सहयाद्रि पर्वतमाला की गोद में बसे महाबलेश्वर में स्थित वेण्णा झील अपने अप्रतिम सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। इस झील में नौका विहार का भी अलग ही मजा है। यहां पैडल बोट और मोटरबोट किराए पर मिलते हैं।

झील के किनारे मुंबई के चौपाटी का लुत्फ भी उठाया जा सकता है। यहां शाम का नजारा बेहद खूबसूरत होता है और घुड़सवारी का आनंद भी यहां लिया जा सकता है।

कोडैकनाल स्थित झीलें

दक्षिण भारत के खूबसूरत पहाड़ी स्थल कोडैकनाल में स्थित झीलें भी खूबसूरत हैं। पूरा कोडैकनाल सिर्फ दो−तीन किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यहां के झरनों और झीलों का मनोहारी दृश्य किसी भी पर्यटक को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है।

खासकर कोडैकनाल की झील अपनी सितारनुमा बनावट और सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। इस झील में नौकाविहार व झील के किनारे घुड़सवारी का मजा लिया जा सकता है। कोडैकनाल में एक विलक्षण किस्म का पौधा कुरिंजी है जिसमें 12 वर्ष में फूल खिलते हैं।

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