यूएन महासभा अध्यक्ष ने कहा- शांतिपूर्ण तरीकों से हो कश्मीर मुद्दे का हल, शिमला समझौते को किया याद

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न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासभा के अध्यक्ष वोलकन बोजकीर ने ‘शांतिपूर्ण तरीकों से’ कश्मीर मुद्दे के हल के लिए भारत और पाकिस्तान को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने दोनों देशों के बीच 1972 में हुए शिमला समझौते को याद करते हुए कहा कि वह बातचीत और कूटनीति का समर्थन करते हैं।

मंगलवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कश्मीर पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में बोजकीर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र का रुख संयुक्त राष्ट्र चार्टर से तय होता है और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव लागू होते हैं।

तुर्की के राजनयिक और राजनीतिक नेता ने कहा, ”मैं भारत और पाकिस्तान के बीच 1972 में हुए शिमला समझौते को भी याद करता हूं, जो कहता है कि जम्मू-कश्मीर की अंतिम स्थिति संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार शांतिपूर्ण तरीकों से तय होगी।”  

बोजकीर ने कहा, ”मैं सभी पक्षों से ऐसे कदम उठाने से परहेज करने की अपील करता हूं, जो जम्मू-कश्मीर की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। सामान्य तौर पर, मैं बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता हूं।

मैं पाकिस्तान और भारत दोनों को प्रोत्साहित करता हूं कि शांतिपूर्ण तरीकों से इस विवाद को हल करें। यही संदेश मैंने दिया था और मेरे पाकिस्तान में रहने के दौरान यह सवाल पूछा जाता है तो मेरा यही संदेश होगा।”

क्या है शिमला समझौता?

शिमला समझौता पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के तब के राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो ने 1972 में दस्तख्त किए थे। यह द्विपक्षीय समझौता है, जो कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को खारिज करता है।

गौरतलब है कि भारत ने पांच अगस्त 2019 को जम्म- कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को समाप्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।

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