उप्र: कोविड प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए निर्देश

लखनऊ। उप्र में प्रदेशव्यापी आंशिक कोरोना कर्फ्यू के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। संक्रमण की चेन तोड़ने में इससे सहायता मिल रही है। प्रदेशवासियों की ओर से भी भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है। एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं।

ऐसे में 17 मई प्रातः 07 बजे तक आंशिक कोरोना कर्फ्यू को विस्तार दिए जाने का निर्णय लिया जा रहा है। वैक्सीनेशन, औद्योगिक गतिविधियों, मेडिकल सम्बन्धी कार्य आदि आवश्यक अनिवार्य सेवाएं यथावत जारी रहेंगी। इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइंस जारी कर दी जाएं।

प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी शैक्षणिक संस्थानों/कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में 20 मई तक अवकाश रखा जाए। इस अवधि में ऑनलाइन भी संचालित न की जाएं।

विगत 24 घंटे की अवधि में 23,333 नए केस आए हैं, जबकि इसी अवधि में 34,636 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं।

वर्तमान में प्रदेश में 2,33,981 एक्टिव केस हैं, जो कि बीते 30 अप्रैल की तुलना में 77,000 कम हैं। अब तक 12,54,045 प्रदेशवासियों ने कोरोना को हराकर आरोग्यता प्राप्त की है।

प्रदेश में टेस्टिंग और ट्रेसिंग का अभियान चल रहा है।4,29,53,900 टेस्ट करने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक टेस्ट करने वाला राज्य है।

बीते 24 घंटे में 2,29,186 टेस्ट संपन्न हुए, जिसमें से 1,11,000 आरटीपीसीआर टेस्ट शामिल है। हमें टेस्टिंग को तेज करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रयोगशालाओं की क्षमता को बढ़ाये जाने की कार्यवाही तेज की जाए।

कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत हमें सभी चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। बेड्स, चिकित्सा उपकरण मानव संसाधन को दोगुना किए जाने की दिशा में तेजी से कार्यवाही की जाए।

ऑक्सीजन की बेहतर होती आपूर्ति के दृष्टिगत एल-2 और एल-3 श्रेणी के अस्पतालों में एक लाख बेड की क्षमता करने की कार्यवाही तेज की जाए।

अगले कुछ दिनों में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 15000 ऑक्सीजन बेड और बढ़ाये जाने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में भी तेजी से कार्यवाही की जाए। निजी अस्पतालों का भी सहयोग लिया जाए।

सभी 75 जिलों में ऑक्सिजन की आपूर्ति पर 24×7 नजर रखी जाए। बीते 24 घंटों में साढ़े नौ सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति-वितरण कराया गया है। इसे और बढ़ाये जाने की दिशा में सतत प्रयास किये जा रहे हैं।

लखनऊ और कानपुर व आसपास के जिलों के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस से आपूर्ति कराई गई है। इसी प्रकार सहारनपुर, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर आदि निकटस्थ जिलों के लिए बेहतर प्रबंध किए जा रहे हैं।

वाराणसी के लिए 40 टन ऑक्सीजन कल भेजी गई है। गोरखपुर व आसपास के जिलों के लिए विशेष ट्रेन चलाये जाने की तैयारी है।

ऑक्सीजन ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में कुछ हॉस्पिटलों में औसत से कई गुना अधिक ऑक्सीजन की खपत की पुष्टि हुई है।

स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग स्तर से ऐसे हॉस्पिटल से समन्वय बनाते हुए खपत को संतुलित करने की कार्यवाही की जाए।

होम आइसोलेशन में उपचाराधीन कोविड मरीजों व अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त नॉन कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति कराने के समुचित प्रबंध किये जायें।

घरों में आपूर्ति के लिए मरीज की कोविड पॉजिटिविटी रिपोर्ट, कोई अन्य जाँच, लक्षण युक्त होने अथवा चिकित्सक का परामर्श के आधार पर तत्काल ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई जाए।

कोविड को हराकर स्वस्थ हुए कुछ लोगों में मानसिक व शारीरिक समस्या होने के केस सामने आए हैं। इन पोस्ट कोविड समस्याओं के त्वरित निदान के उद्देश्य से सभी 75 जिला अस्पतालों में पोस्ट कोविड हॉस्पिटल का संचालन किया जाए।

यहां मनोचिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती की जाए ताकि आवश्यकतानुसार लोग इनसे परामर्श प्राप्त कर सकें। स्वास्थ्य विभाग के स्तर से इसकी व्यवस्था अगले 02 दिवसों में कर ली जाए।

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