पीएम मोदी ने की KCRC की तारीफ, कोरोना से जंग में दिया नया मंत्र- ‘जहां बीमार वहीं उपचार’

राणसी। वैश्विक कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर अंकुश लगाने के प्रयास में लगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा शीर्ष अधिकारियों के साथ संवाद करने के बाद अब फील्ड में काम करने वालों का भी हौसला बढ़ा रहे हैं।

इससे क्रम में वाराणसी के डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ तथा अन्य के साथ संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने सेकेंड स्ट्रेन की स्थिति व थर्ड स्ट्रेन पर तैयारी की जानकारी लेने के साथ अपने सुझाव भी दिए। इस दौरान वाराणसी के जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री ने कहा इस वायरस ने हमारे कई अपनों को हमसे छीना है, मैं उन सभी लोगों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं। सेकेड वेव में कई मोर्चों पर एक साथ लड़ना पड़ रहा है। इस बार संक्रमण दर भी पहले से कई गुना ज्यादा है।

बनारस वैसे भी काशी के लिए ही नहीं पूर्वांचल के स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं का केंद्र है। बिहार के लोग भी काशी पर डिपेंड हैं। ऐसे में यहां के लिए कोरोना चुनौती बनकर आया है। यहां के हेल्‍थ सिस्‍टम पर सात सालों में जो काम हुआ उसने हमारा बहुत साथ दिया। फ‍िर भी यह असाधारण हालात रहे।

आपकी तपस्‍या से बनारस ने जिस तरह कम समय में खुद को संभाला है, आज पूरे देश में उसकी चर्चा हो रही है। इस दौर में जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने भी लगातार काम किया। आक्‍सीजन के लिए प्‍लांट लगाए।

बनारस ने जिस गति से कम समय में आइसीयू बेड बढाया और डीआरडीओ अस्‍पताल को स्‍थापित किया। काशी कोविड कमांड सेंटर (KCRC) बढिया काम कर रहा है। हमने तकनीक का प्रयोग किया, मरीजों के लिए उसे सुलभ बनाया वह अनुकरणीय है। जो योजनाएं बनी जो अभियान चले उसने कोरोना से लड़ने में मदद की।

मेरी काशी के लोग मरीजों बुजुर्गों की परिवार के सदस्‍य के तौर पर मदद की। खाने व दवा की चिंता नहीं करनी पड़ी। काशी ने खुद को समर्पित किया। लोगों ने अपने आर्थिक लाभ की चिंता नहीं की बल्कि सेवा में लग गए। मां अन्‍नपूर्णा की नगरी का स्‍वभाव और साधना का मंत्र है।

आपके तप और प्रयास से महामारी के हमले को काफी हद तक संभाला है। अभी संतोष का समय नहीं है लंबी लड़ाई करनी है। गांव पर जोर देना है। अब नया मंत्र है – ‘जहां बीमार वहीं उपचार’

यूपी में सीनियर और युवा डाक्‍टर टेली मेडिसिन के माध्‍यम से सेवा कर रहे हैं। कोविड के खिलाफ गांवों में आशा वर्कर और एएनएम बहनों की भूमिका अहम है। इनकी क्षमता और अनुभव का लाभ लिया जाए। पहले पूर्वांचल में दिमागी बुखार का भी कहर लोगों को दुश्‍वारी देता था।

योगी जी संसद तक में इसे उठाते थे और समय के साथ अब सरकार के प्रयास से इस पर लगाम लग चुका है। हमारे योगी जी जब सांसद थे वे पार्लियामेंट में बच्चों की मौत पर रो पड़ते थे। बाद में उन्होंने भारत सरकार और राज्य सरकार के समन्वय से दिमागी बुखार पर नियंत्रण पाया। यह पूर्वांचल के लिए बड़ी बात थी।

फील्ड कमांडर की महती भूमिका

कोरोना संक्रमण काल को युद्ध की तैयारियों सरीखा बताते हुए कहा कि जैसा कि किसी भी युद्ध में होता है। फील्ड कमांडर की महती भूमिका होती है। कुछ ऐसा ही कोरोना का युद्ध है।

कोरोना से युद्ध में फ्रंट लाइन वर्कर ही फील्ड कमांडर हैं। जिला के अन्वेषण से सरकार की पालिसी को ताकत मिलेगी। हम सब मिलकर सोचेंगे तभी जीतेंगे। कोरोना से निपटने के लिए जो भी बेस्ट प्रैक्टिस है उसे शेयर करने से दूसरे का भला होगा।

वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिन में करीब 11 बजे से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी के डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बातचीत की।

प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की सेकेंड लहर रोकथाम की स्थिति की जानकारी ली। तीसरी लहर को लेकर अब तक हुई तैयारी के बारे में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा से बात की।

सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ यानी नर्स, वार्ड ब्वाय, एंबुलेंस चालक, फ्रंट लाइन वर्कर व जनप्रतिनिधियों समेत लगभग 120 लोगों को आंमत्रित किया गया था। कार्यक्रम कमिश्नरी आडिटोरियम में आयोजित था।

प्रधानमंत्री डीआरडीओ की ओर से बीएचयू में स्थापित अस्थायी पंडित राजन मिश्र कोविड अस्पताल से जुड़े डाक्टरों के अलावा शहर के जाने-माने चिकित्सक व पैरामेडिकल के स्टाफ व फ्रंट लाइन वर्कर्स से बात की।

कमिश्नर ने दिया प्रेजेंटेशन, पांच लोगों से बातचीत

कार्यक्रम के दौरान कोविड की अब तक की स्थिति व रोकथाम की तैयारी को लेकर कमिश्नर दीपक अग्रवाल प्रेजेंटेशन दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने अपनी बात रखी। इस दौरान डीआरडीओ के ब्रिगेडियर, कैंसर अस्पताल के चिकित्सक, सीएमएस के अलावा फ्रंटलाइन के दो-तीन वर्कर से बातचीत की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संक्रमण काल की शुरुआत से ही अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का विशेष ध्यान रखा। बीते वर्ष भी वाराणसी में विशेष तैयारियों पर वह परिचर्चा कर चुके हैं। दूसरी लहर की शुरुआत के साथ ही वाराणसी में चल रही तैयारियों पर निगाह रखने के लिए विशेष दूत की भी तैनाती की।

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